सनातन धर्म के ग्रंथों के श्लोक यहां नित्य दिये जाएंगे आप सभी जुड़ें।।
सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यंतु मा कश्चिद् दुःखभाग् भवेत्।।
सनातन धर्म के ग्रंथों के श्लोक यहां नित्य दिये जाएंगे आप सभी जुड़ें।।
सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यंतु मा कश्चिद् दुःखभाग् भवेत्।।
नातन धर्म के शाश्वत और दिव्य परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है! यह केवल एक धर्म नहीं, बल्कि प्रेम, ज्ञान और सत्य पर आधारित एक जीवनशैली है। वेदों, उपनिषदों और गीता के ज्ञान से आप आत्मज्ञान और परम शांति का मार्ग खोजें। सर्वे भवन्तु सुखिनः (सभी सुखी हों) के मूल मंत्र के साथ, आइए हम साथ मिलकर मानवता और करुणा का मार्ग अपनाएं।


जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज

जगद्गुरु शंकराचार्य श्री श्री श्री भारती तीर्थ महास्वामीजी

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज

नारायणं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम् |
देवीं सरस्वतीं व्यासं ततो जय मुदीरयेत् ||
आचार्य सिद्धनाथ "सांडिल्य " नव्य व्याकरणाचार्य, पुराणाचार्य, सामवेदाचार्य
आप सभी के प्यार के लिए बहुत बहुत धन्यवाद
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